रामकथा समाज में सामाजिक समरसता की आधार शिला :- आचार्य सोनू शास्त्री

0


 कोलारस -- सेसई राईया हनुमान मंदिर पर आज 30 मई संगीतमय राम कथा के अंतिम दिन कथापीठ आचार्य पड़ित सोनू शास्त्री ने कथा सुनाते हुए कहाँ की रामायण में रामकथा में विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया है उन्होंने कहाँ रामायण में दो प्रमुख संवाद विषेश रूप से महत्वपूर्ण है पहला वालकांड में परशुराम व लक्ष्मण संवाद और लकाकांड में अंगद व रावण का संवाद । उन्होंने कहाँभगवान श्रीराम के आदर्श जीवन व धर्म का महत्व पर प्रकाश डाला । आज अंतिम दिन राजाराम के राज्यभिषेक और  श्रीराम के आदर्श जीवन एव महिमा का गुणगान किया गया । रामचरित्र मानस ऐसा ग्रंथ है जिसमें माता -पिता और भाइयों राम ; भरत लक्ष्मण शुत्रुधन के आदर्श संबंधों को दर्शाता है । यह त्याग और प्रेम आधारित परिवार की नीव रखता है । रामकथा में प्रत्येक पात्र चाहे वह राजा हो , पुत्र हो ' भाई हो ' व हनुमान  हो सवने अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन किया है । भगवान राम के चरित्र से हमे यह शिक्षा मिलती है कि ईश्वर की दृष्टि में सभी सामान है । ऊँच -नीच और भेदभाव को मिटाकर शबरी ' केवट , और निषादराज , जैसे सभी वर्गो के लोगों को भगवान राम ने गले लगाया और रामराज्य को सर्वोपरि महत्व  दिया । दोपहर तीन वजे प्रसाद लेने के लिए भक्तजनों युवा   -युवतिया   बुजुर्ग महिलाओ एवं आस पास गावो के लोग की भीड़ लगी  ।



          सेसई संगीतमय राम कथा में शामिल होकर भाजपा नेताओ ने  आचार्य सोनू शास्त्री का किया स्वागत


सेसई में राईया वाले हनुमान मंदिर आयोजित संगीतमय रामकथा मे पहुंचकर कथावाचक आचार्य सोनू शास्त्री (बनवार वाले ) का व्यासपीठ पर एवं हनुमान मंदिर पुजारी  वारिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी ओ ० पी ०भार्गव माखन गोस्वामी मोहित भार्गव गोपाल सिंह बघेल ने

 माला पहनाकर आर्शीवाद लिया  साथ ही पंडित भरतलाल शास्त्री ,देवेन्द्र शर्मा , गोपाल दास शर्मा ' मंगीलाल शर्मा मनीष शर्मा का स्वागत कर कथा श्रवण किया।

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
/*-- Don't show description on the item page --*/
NewsLite - Magazine & News Blogger Template
To Top