कथा व्यास आचार्य श्री शुभम कृष्ण शर्मा महाराज ने अपने श्रीमुख से भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति, समुद्र मंथन, वामन अवतार, राजा बलि, भगवान श्रीराम के अवतार एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग पर कथा पांडाल में विशेष उत्साह देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच भजन-कीर्तन करते हुए धूमधाम से जन्मोत्सव मनाया। पूरा पांडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा।
भीषण गर्मी को देखते हुए कथा पांडाल में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। फ़व्वारों के माध्यम से इत्र वर्षा की जा रही है, जिससे वातावरण भक्तिमय एवं सुगंधित बना हुआ है। दूर-दूर से श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति द्वारा पेयजल, बैठने एवं अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं।


