भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
कार्यक्रम में गुना से पधारे प्रसिद्ध भजन गायक वृंदावन धाकड़ एवं उनके साथियों तथा आंकाक्षा गौड़ द्वारा मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी गई। भक्ति संगीत की मधुर प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया तथा उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस मौके पर ’’ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन’’, ’’जमुना किनारे मेरा गांव, सांवरे आई जईओ’’, ’’जो कान्हा मेरा गांव न जाने, बरसाने मेरो गांव’’, ’’हे दुख भंजन, मारुति नंदन सुन लो मेरी पुकार’’, ’’भक्त का मान न टलते देखा’’, ’’जादू भरी तेरी आंखें जिधर गई’’, ’’गंगा तेरा पानी अमृत झर-झर बहता जाए’’, ’’श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, लोग करे मीरा को यूं ही बदनाम’’ आदि भजनों का गायन किया गया।
जल संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन एवं जनभागीदारी के महत्व को भी रेखांकित किया गया। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जिले में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आमजन को जल बचाने एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु प्रेरित किया जा रहा है। गंगा दशमी के पावन अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या ने श्रद्धा, संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।


