कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभाग सक्रियता से कार्रवाई करें। उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करने और प्रतिबंधित दवाओं के विक्रय पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। सामाजिक न्याय विभाग एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से नशा मुक्ति अभियान संचालित करने तथा नशा मुक्ति केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण करने को कहा गया।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग को स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा गया कि बच्चों को धूम्रपान एवं नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि कम उम्र में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके। कलेक्टर ने स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों के आसपास धूम्रपान और नशीले पदार्थों की दुकानों को हटाने के भी सख्त निर्देश दिए।
इसके साथ ही सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिले की यातायात व्यवस्था और ब्लैक स्पॉट्स की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका, यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट पर घटनाएं रोकने के लिए प्रभावी काम होना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में प्रमुख स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने, रेडियम एवं साइन बोर्ड स्थापित करने तथा सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए। शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे आवारा मवेशियों को गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग को ओवर स्पीड, ओवरलोडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और बिना हेलमेट एवं सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नो-एंट्री पॉइंट्स पर भारी वाहनों के प्रवेश पर भी सख्ती बरतने को कहा गया।
बैठक में राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को प्रोत्साहित कर सम्मानित किया जा सके।


