आसमान से बरस रही थी आग, सड़क पर बैठा था आक्रोश
सोमवार दोपहर, जब आसमान से सूरज आग उगल रहा था, तब शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन और पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह के नेतृत्व में सैकड़ों लोग रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर के मौजूद न होने पर आक्रोशित भीड़ मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ गई। नारेबाजी इतनी तेज थी कि पूरा परिसर गूंज उठा। बाद में कोलारस विधायक महेंद्र यादव भी इस मुहिम में शामिल हुए।
पिता का गंभीर आरोप: 'मेरे बेटे को साजिशन जलाया गया'
धरने पर बैठे मासूम के पिता अभिषेक जैन का दर्द जब छलक कर बाहर आया तो सबकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने कलेक्टर के सामने सीधे आरोप लगाते हुए कहा, "मेरे बेटे को साजिशन जलाया गया है। बस में जलने की गंध पहले से आ रही थी, फिर भी लापरवाही बरती गई। जब आग भड़की तो स्टाफ हमें बचाने के बजाय भाग खड़ा हुआ। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने शिकायत लिखने के बजाय हमें 3 घंटे थाने में बिठाए रखा।"
जब खुद कलेक्टर ने थामा पीड़ित का हाथ
जैसे ही कलेक्टर अर्पित वर्मा मौके पर पहुंचे, उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए सड़क पर ही बैठकर अभिषेक का दर्द सुना। माहौल को बिगड़ता देख कलेक्टर खुद पीड़ित पिता को सहारा देकर पकड़ते हुए अपने चैंबर तक ले गए। चैंबर में तीनों विधायकों की मौजूदगी में कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन के इस रुख के बाद नारेबाजी में से कलेक्टर का नाम तो हट गया, लेकिन बस संचालक और पुलिस के खिलाफ गुस्सा अब भी बरकरार है।
विधायक देवेंद्र जैन ने थामा पीड़ित का हाथ: "न्याय मिलने तक चैन से नहीं बैठेंगे"
प्रदर्शन के दौरान शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ ढाल बनकर खड़े नजर आए। उन्होंने न केवल रैली का नेतृत्व किया, बल्कि कलेक्ट्रेट की तपती धूप में जनता के साथ बैठकर प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। विधायक जैन ने अभिषेक जैन को ढांढस बंधाते हुए सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया कि वे हर कदम पर उनके साथ हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि बड़ी लापरवाही है, और जब तक मासूम अनय को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, वे चुप नहीं बैठेंगे


