जानकारी के अनुसार जिला स्तरीय अधिकारी शाम करीब साढ़े 5 बजे बस से गांव पहुंचे थे, जबकि संभाग आयुक्त मनोज खत्री और कलेक्टर अर्पित वर्मा शाम करीब साढ़े 6 बजे गोरा टीला पहुंचे। उनके पहुंचते ही चौपाल की शुरुआत कर दी गई, जो रात करीब साढ़े 10 बजे तक चली। चौपाल के बाद सभी अधिकारियों ने गांव में ही भोजन किया।चौपाल के दौरान एक ग्रामीण ने 15 वर्षों से लंबित फौती नामांतरण का मामला उठाया, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित पटवारी राजेंद्र शर्मा को फटकार लगाते हुए प्रकरण का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने पेयजल संकट और खाद नहीं मिलने की समस्या भी रखी। जांच में सामने आया कि कई किसानों को ऑनलाइन खाद बुकिंग की जानकारी नहीं है। इस पर कलेक्टर ने खाद विभाग के अधिकारियों को तीन दिन तक गांव में रहकर किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी देने के निर्देश दिए
कलेक्टर ने लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने तथा रोजगार सहायकों से फौती व्यक्तियों की सूची लेकर नामांतरण प्रकरणों का समाधान करने के निर्देश दिए। वहीं, अगले शनिवार और रविवार को दोबारा चौपाल लगाकर शिकायतों के निराकरण की समीक्षा करने के निर्देश भी एसडीएम कोलारस को दिए गए। चौपाल में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और अन्य विभागों ने भी ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की जानकारी दी.!!


