स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे दुकानों के आसपास अवैध रूप से बड़े वाहन खड़े किए जाते हैं, जिसके कारण सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और वाहनों की आवाजाही बाधित होने लगती है। नतीजा—पूरे क्षेत्र में जाम की स्थिति बन जाती है।
वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है और इस जाम से आम जनता ही नहीं बल्कि पुलिस प्रशासन की गाड़ी भी नहीं निकल पाई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में ट्रैफिक प्रबंधन किस स्तर पर प्रभावित हो चुका है।
रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बाद भी स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों ने मांग की है कि सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों पर कार्रवाई की जाए, अवैध पार्किंग रोकी जाए और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन विशेष अभियान चलाए।
अब सवाल यह है कि जब व्यवस्था संभालने वाली गाड़ियां ही जाम में फंस जाएं, तो आम नागरिकों को राहत कब मिलेगी? क्या जिम्मेदार विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाएगा या फिर शहरवासी ऐसे ही जाम में फंसने को मजबूर रहेंगे?


