शिकायत के मुताबिक, विवाद की शुरुआत बीते दिनों हुई जब भोपाल निवासी काजल ठाकुर किन्नर और उनके साथियों द्वारा सोशल मीडिया और डालिया ग्रुप सेंटर पर वीडियो बनाकर भावना किन्नर को धमकी भरे संदेश भेजे गए। वीडियो में न सिर्फ मारपीट की बात कही गई, बल्कि भावना किन्नर पर कई झूठे आरोप भी मढ़े गए। आवेदिका का कहना है कि काजल ठाकुर, नेहा किन्नर, मुस्कान उर्फ अभी गुर्जर और अर्शी गुर्जर सहित भोपाल के करीब 50 किन्नर मिलकर उनकी गद्दी हड़पने का षड्यंत्र रच रहे हैं। भावना किन्नर ने स्पष्ट किया कि उन्हें पूरे भारत वर्ष की किन्नर पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से गादीपति नियुक्त किया गया है, जो विरोधी गुट को रास नहीं आ रहा है।
शिकायत में एक और चौंकाने वाला दावा किया गया है कि आरोपी मुस्कान गुर्जर पूर्व में भी नेहा किन्नर को इसी तरह के झूठे केस में फंसा चुकी है, जिसके पुख्ता सबूत आवेदिका के पास सुरक्षित हैं। भावना किन्नर ने यह भी आरोप लगाया कि समाज से बहिष्कृत हो चुके ये लोग अब किन्नर समाज के भीतर हिंदू-मुस्लिम का रंग देकर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए भावना किन्नर ने कहा कि किन्नर समाज में कोई हिंदू या मुसलमान नहीं होता, वे सर्वधर्म और सर्वजाति के कल्याण की कामना करते हैं। फिलहाल, प्रशासन को सौंपे गए इस शिकायती पत्र के बाद किन्नर समाज का यह आपसी विवाद अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।


