शिवपुरी जिले के पिपरसमा गांव में सामने आई घटना को लेकर अब सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इसी क्रम में भीम आर्मी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील असते ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सुनील असते ने अपने संदेश में कहा कि यदि युवक-युवती ने अपनी इच्छा से विवाह किया था, तो पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना जरूरी है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने जाटव समाज के परिवारों को कथित रूप से मिल रही धमकियों और गांव छोड़ने जैसी खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को डर और दबाव के माहौल में जीवन जीने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करे और क्षेत्र में शांति एवं विश्वास का वातावरण बनाए रखे।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार देता है। जाति, दबाव या किसी भी प्रकार के सामाजिक उत्पीड़न के आधार पर किसी के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए।
सुनील असते ने प्रशासन से अपील की कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए, पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि समाज में न्याय और संविधान की भावना को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।


