कोलारस / लुकवासा।
राष्ट्रीय राजमार्ग-46 के लुकवासा बाईपास पर सोमवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। गुना से शिवपुरी की ओर डीजल लेकर जा रहा एक टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गया और पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि टैंकर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन में फंस गया। दुर्घटना में चालक पवन और उसका स्टाफ सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टैंकर के पलटते ही चालक और उसका साथी केबिन में बुरी तरह फंस गए थे। मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों घायलों को केबिन से सुरक्षित बाहर निकाला गया और तत्काल कोलारस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के दौरान चालक पवन की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि स्टाफ सदस्य का उपचार जारी है।
हादसे के कुछ ही मिनटों बाद टैंकर से बड़ी मात्रा में डीजल का रिसाव शुरू हो गया। इसकी जानकारी आसपास के गांवों तक पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण बाल्टी, डिब्बे, केन और अन्य बर्तन लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए। बहते डीजल को भरने के लिए लोगों में होड़ मच गई। कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पलटे हुए टैंकर के बिल्कुल करीब पहुंच गए। ज्वलनशील पदार्थ होने के बावजूद लोगों की यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को भी न्योता दे सकती थी।
सूचना मिलते ही लुकवासा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को वहां से हटाकर स्थिति पर नियंत्रण किया। पुलिस ने घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर टैंकर की सुरक्षा सुनिश्चित की तथा यातायात व्यवस्था भी संभाली। इसके बाद पलटे हुए टैंकर को हटाने के लिए क्रेन बुलवाई गई, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य किया जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि टैंकर पर किसी भी अधिकृत ऑयल कंपनी का नाम, लोगो या पहचान चिन्ह अंकित नहीं था। ऐसे में पुलिस को संदेह है कि टैंकर में ले जाया जा रहा डीजल किस स्रोत से भरा गया था और उसकी आपूर्ति कहां की जानी थी। इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि चालक को झपकी आने, तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी में से किस वजह से टैंकर अनियंत्रित होकर पलटा। वहीं, टैंकर में भरे डीजल की वैधता और परिवहन से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर लोगों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को उजागर कर दिया। जहां एक ओर घायल चालक जिंदगी और मौत से जूझ रहा था, वहीं दूसरी ओर बहते डीजल को भरने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। समय रहते पुलिस और स्थानीय लोगों की सक्रियता से स्थिति पर काबू पा लिया गया, अन्यथा जरा-सी चिंगारी एक बड़े अग्निकांड का कारण बन सकती थी।
फिलहाल घायल चालक का शिवपुरी जिला अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।


