अमर क्रांतिकारी पंडित चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धापूर्वक नमन, गौ सेवा समिति ने मनाया स्मरण कार्यक्रम

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 दिनारा। अमर क्रांतिकारी पंडित चंद्रशेखर आजाद की जयंती के अवसर पर दिनारा स्थित अशोक होटल, पिछोर तिराहे पर गौ सेवा समिति द्वारा श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समिति के जिला अध्यक्ष एवं गौ सेवक कल्लू महाराज सहित उपस्थित लोगों ने महान स्वतंत्रता सेनानी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें शत-शत नमन किया तथा उनके अद्वितीय साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को याद किया।


इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पंडित चंद्रशेखर आजाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे अमर योद्धा थे, जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण मातृभूमि की आजादी के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के सामने कभी घुटने नहीं टेके और अपने संकल्प "दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे" को अंतिम सांस तक निभाया। उनका जीवन आज भी देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए साहस, आत्मसम्मान, राष्ट्रप्रेम और त्याग की अमिट प्रेरणा है।


गौ सेवा समिति के जिला अध्यक्ष गौ सेवक कल्लू महाराज ने कहा कि यदि हमारे देश में चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, मंगल पांडे, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी और अनेक स्वतंत्रता सेनानियों जैसे वीर सपूत न होते, तो भारत को आजादी प्राप्त करना अत्यंत कठिन होता। इन महान विभूतियों के बलिदान और संघर्ष के कारण ही आज देश स्वतंत्र है और प्रत्येक भारतीय स्वतंत्र वातावरण में जीवन जी रहा है।


उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी का कर्तव्य है कि वह स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारे तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज में एकता, भाईचारा और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करे। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए सदैव संगठित रहें।


कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत नारों के साथ अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का त्याग और संघर्ष भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।


अंत में उपस्थित सभी लोगों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम् तथा अमर शहीद पंडित चंद्रशेखर आजाद अमर रहें के जयघोष लगाए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने कहा कि देश के वीर शहीदों के आदर्शों को जीवित रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी तथा राष्ट्रहित में कार्य करना प्रत्येक भारतीय का सर्वोच्च दायित्व है।

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