बताया जा रहा है कि जब किसी कारणवश परिजन स्कूल पहुंचे और बच्चे के बारे में जानकारी ली, तो वह अपनी कक्षा में मौजूद नहीं मिला। इसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने स्कूल परिसर में बच्चे की तलाश शुरू कर दी। काफी देर तक खोजबीन के बाद भी बच्चे का कोई पता नहीं चल सका, जिससे परिजनों में घबराहट का माहौल बन गया।
जांच-पड़ताल के दौरान जानकारी मिली कि मासूम छात्र स्कूल बस में ही रह गया था और बस विभिन्न रूटों पर संचालित होती रही। करीब ढाई घंटे बाद बच्चे को बस से सकुशल बरामद किया गया। बच्चे के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली, लेकिन इस घटना ने स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते बच्चे का पता नहीं चलता तो कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी। उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण एक मासूम की जान जोखिम में पड़ सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा स्कूल की पहली जिम्मेदारी होती है और बस से बच्चों के उतरने के बाद उनकी उपस्थिति का सही ढंग से सत्यापन किया जाना चाहिए। फिलहाल मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।


