शिवपुरी जिले के दिनारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की घोर लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ समय पर इलाज न मिलने से एक प्रसूता ने दम तोड़ दिया। मृतका के पति ने कलेक्टर को आवेदन देकर डॉक्टरों और नर्सों पर हत्या तक के आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला - आवेदन के अनुसार
प्रार्थी हरीमोहन वंशकार पुत्र ओमकार वंशकार, निवासी ग्राम जरगवां अब्बल, तहसील करैरा ने कलेक्टर कार्यालय शिवपुरी में दिए आवेदन में बताया कि -
1. उसकी पत्नी ज्योति वंशकार (विवाह वर्ष 2013) की चौथी डिलीवरी दिनांक *19.09.2026* को होनी थी। वह उसे डिलीवरी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिनारा लेकर गया था।
2. स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती होने के 1 घंटे के अंदर ही उसकी पत्नी की *नॉर्मल डिलीवरी* हुई और उसने एक पुत्र को जन्म दिया।
3. डिलीवरी के तुरंत बाद ही उसकी पत्नी को अत्यधिक *रक्तस्राव (खून)* शुरू हो गया। हरीमोहन और उसके परिवार के सभी सदस्यों ने इसकी जानकारी वहां मौजूद सभी नर्सों एवं डॉक्टरों को दी, लेकिन किसी ने भी उसे देखा तक नहीं और नजरअंदाज करते हुए कह दिया कि *"कुछ नहीं होगा"*।
4. दोपहर 1 बजे डिलीवरी होने के बाद भी कोई इलाज नहीं किया गया और स्टाफ ने कहा कि हम तुम्हारी पत्नी को *दतिया रेफर कर रहे हैं*, जबकि हरीमोहन का आरोप है कि उसी समय उसकी पत्नी ने दिनारा स्वास्थ्य केंद्र में ही दम तोड़ दिया था।
5. इसके बाद भी स्वास्थ्य केंद्र ने मृतका को दतिया रेफर दिखा दिया। एंबुलेंस चालक उसे दतिया ले जाने के बजाय *सिकंदरा बैरियर पर छोड़कर भाग गया*। परिवार तसल्ली के लिए उसे झांसी (उ.प्र.) प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गया, जहां डॉक्टर ने बताया कि उसकी पत्नी की मौत बहुत पहले ही हो चुकी है।
*1000 रुपये की रिश्वत का सनसनीखेज आरोप*
हरीमोहन ने आवेदन में सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि डिलीवरी से पहले नर्स द्वारा *1000 रुपये की रिश्वत* मांगी गई थी। उस समय वह दिनारा से बाहर था, इसलिए वह पैसे नहीं दे पाया। इसी कारण नर्सों एवं डॉक्टरों द्वारा उसकी पत्नी के इलाज में घोर लापरवाही बरती गई।
पीड़ित के अब *3 छोटी-छोटी लड़कियां और एक नवजात पुत्र* है, जिनके सिर से मां का साया उठ गया है।
*पुलिस पर भी कार्रवाई न करने का आरोप*
प्रार्थी ने बताया कि घटना की एफआईआर दर्ज कराने के लिए उसने थाना दिनारा में शिकायत की, लेकिन आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और पुलिस उसकी बात सुनने को भी तैयार नहीं है।
*कलेक्टर से न्याय की गुहार*
हरीमोहन वंशकार ने कलेक्टर महोदय से निवेदन किया है कि उसके आवेदन को स्वीकार कर दोषी डॉक्टरों, नर्सों और स्टाफ पर कानूनी कार्रवाई की जाए एवं उसकी छोटी-छोटी अनाथ बच्चियों के लिए आर्थिक सहायता दिलवाई जाए।


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