पीड़ित किसानों ने मंगलवार को जिला कलेक्टर शिवपुरी के समक्ष जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत कर मामले की जांच कराने और मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। किसानों के अनुसार उन्होंने 5–6 दिन पूर्व अग्रवाल कृषि सेवा केन्द्र से चना फसल में लगने वाली इल्ली के लिए दवा खरीदी थी, जिसे दुकानदार द्वारा बताई गई विधि और उचित मात्रा में खेतों में डाला गया था।
किसानों का आरोप है कि दवा के छिड़काव के कुछ ही दिनों में फसल पूरी तरह खराब हो गई। जब वे इस संबंध में शिकायत लेकर कृषि सेवा केन्द्र पहुंचे तो केन्द्र के संचालक एवं कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मुआवजा देने से साफ इंकार कर दिया। किसानों के अनुसार दुकानदार ने यह भी कहा कि दवा वे अपने घर में नहीं बनाते और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
पीड़ितों का यह भी आरोप है कि कृषि सेवा केन्द्र का संचालक राजनीतिक रसूख रखता है। जब किसानों ने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया तो वहां भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे किसान खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी कृषि सेवा केन्द्र के खिलाफ कार्रवाई हो तथा फसल नुकसान का उचित मुआवजा दिलाया जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।


