करैरा:- करैरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां करैरा विकास खंड के खेल संयोजक और स्पोर्ट टीचर अजय वीर सिंह ने बस में मामूली सीट विवाद को लेकर दो छात्रों के साथ क्रूरता से मारपीट की, जिससे इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ गई है, वाकया तब का है जब छात्र ओवैस खान, तथा विराट यादव निवासी करैरा , दोनों ही निजी संस्थान सीता सेंट्रल स्कूल करैरा में पढ़ते हैं और खेलों के शौकीन हैं, वे स्कूल प्रतिनिधि के रूप में जिला मुख्यालय शिवपुरी में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने गए थे, जहां उन्होंने अच्छा प्रदर्शन भी किया और शाम के वक्त उसी बस से बापस लौटते समय करीब 6 से 7 बजे के बीच तभी अचानक टीचर अजय वीर सिंह उनके पास पहुंचे और छात्रों की सीट देखकर गुस्से से चिल्लाए कि यहां से तुरंत हट जाओ, दूसरी जगह जाओ, इस पर छात्रों ने शांत स्वर में कहा कि सर, हम इसी सीट पर शिवपुरी पहुंचे थे और अब भी इसी पर लौट रहे हैं, इसमें कोई दिक्कत क्यों, लेकिन टीचर ने उनकी अपील को ठुकरा दिया और झल्लाहट में दोनों पर थप्पड़ों और मुक्कों की बौछार कर दी, विशेष रूप से पीठ पर वार किए जिससे छात्रों को गहरी अंदरूनी चोटें लगीं और वे बस के अंदर ही दर्द से तड़पने लगे, अन्य छात्रों ने इस मारपीट को देखा लेकिन टीचर की प्रभावशाली पदवी के कारण कोई हस्तक्षेप न कर सका, बस में टीचर वोला की अगर किसी ने इस घटना की आवाज उठाई तो कैरियर खराब कर दूंगा जिससे छात्र डर गए ।बस के करैरा पहुंचते ही छात्र घर जाकर परिजनों को रो-रोकर सारी व्यथा सुनाई, जिससे परिवार क्रोधित हो उठे और इम्तियाज़ खान तथा विराट के अभिभावकों ने तत्काल आसपास के लोगों को इकट्ठा किया, नतीजतन रात के अंधेरे में सैकड़ों लोग और स्थानीय निवासी थाने पर उमड़ पड़े, जहां उन्होंने टीचर की गिरफ्तारी और एफआईआर की मांग की तथा पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाया, थाने ने रात्रि में ही छात्रों के परिजनों का शिकायत पत्र स्वीकार किया और प्रारंभिक पूछताछ शुरू कर दी, छात्रों ने थाने में पीठ पर सूजन, कटाव और गंभीर चोटें भी दिखाई । टीचर अजय वीर सिंह, जो न केवल एक स्कूल में सेवा दे रहे हैं बल्कि पूरे विकास खंड के खेल गतिविधियों के प्रमुख संयोजक हैं, इस भूमिका के बावजूद ऐसी गुंडागर्दी दिखा बैठे जिसने उनकी साख पर बट्टा लगा दिया, स्कूल प्रबंधन को भी उन्हें तलब करने का आदेश जारी करना चाहिये जबकि जिला शिक्षा अधिकारी को उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन करना चाहिए ताकि ऐसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके, इस घटना ने निजी स्कूलों में छात्र सुरक्षा के मुद्दे को उजागर किया है क्योंकि सीता सेंट्रल स्कूल जैसे संस्थान खेलों के माध्यम से बच्चों का समग्र विकास करने का दावा करते हैं लेकिन बाहरी हस्तक्षेप से ऐसी विडंबनाएं हो रही हैं, स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है छात्रों के परिजन ज टीचर को नौकरी से बर्खास्त करने और छात्रों को न्याय दिलाने की बात कर रहे हैं, अभिभावक संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई न हुई तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होगा, इस मामले ने एक बार फिर सवाल उठाए हैं कि क्या विकास खंड स्तर के संयोजक जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग छात्रों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं, विशेषकर जब निजी स्कूल के बच्चे सरकारी आयोजनों में भाग लेते हैं तो उनकी सुरक्षा का क्या इंतजाम है, करैरा के बाजारों और गलियों में इसकी चर्चा जोरों पर है और लोग शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई बच्चा ऐसी यातना का शिकार न बने। यह न केवल शारीरिक हिंसा है बल्कि मानसिक आघात भी है जो छात्रों के खेल उत्साह को कुचल देगा।
इनका कहना है ।
(1) छात्रो को बस में स्पोर्ट सर ने यह बोला था कि गर्ल्स खड़ी है उन्हें पहले बैठने दो इस कारण छात्रों ने सर की बात नहीं सुनी उसे विवाद का रुप दे दिया । लड़कियों को प्रथम दृष्टया सीट देना उद्देश्य रहता है ।
अरविंद यादव प्राचार्य एवं संकुल प्रभारी उत्कृष्ट विद्यालय करैरा
(2) लिखित शिकायत करो क्या घटना है में जानता नहीं हो कौन अजय वीर है फिर दिखवाते है ।
विवेक श्रीवास्तव जिला शिक्षा अधिकारी शिवपुरी


