योजना अंतर्गत सोलर पम्प स्थापना का कार्य चयनित वेंडर द्वारा प्रारंभ किए जाने के लिए संबंधित कृषक की पूर्ण ऋण स्वीकृति अनिवार्य है। इसके लिए कुसुम–ब के राज्य पोर्टल के माध्यम से एआईएफ आवेदन का जमा होना, कृषक का खाता नोडल बैंक में खुला होना( सीआईएफ की उपलब्धता), साथ ही डिजिटल लेंडिंग प्रक्रिया के माध्यम से बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति की कार्यवाही का पूर्ण होना आवश्यक है।
जिन कृषकों द्वारा एआईएफ आवेदन, सीआईएफ उपलब्धता एवं सेंट्रल बैंक में खाता खोलने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है, उनके यहां सोलर पम्प स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। शिवपुरी जिले में अब तक कुल 6 सोलर पम्प स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें पिछोर तहसील के ग्राम गणेशखेड़ा में कृषक ब्रजेश कुमार लोधी, करैरा तहसील के ग्राम कुठिलामधन में बृज किशोर लोधी, ग्राम शंकरगढ़ में जगदीश लोधी, ग्राम सेहरिया में विष्णुनाथ राय, नरवर तहसील के ग्राम वहगांव में कृषक छत्रपाल सिंह तथा ग्राम गोपालिया में कृषक दयाकिशन के यहां सोलर पम्प की स्थापना पूर्ण की जा चुकी है।
शेष कृषकों के यहां सोलर पम्प स्थापना का कार्य बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति प्राप्त होते ही प्रारंभ किया जाएगा। योजना के अंतर्गत जिले में सोलर पम्प स्थापना का समस्त कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संबंधित विभाग द्वारा योजना के क्रियान्वयन की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि पात्र कृषकों को समय पर योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।


