मृतक के भाई इम्तियाज खान ने बताया कि इश्तियाक की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे गुरुवार दोपहर जिला अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल लाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घंटों तक यहां-वहां चक्कर लगवाए।
इम्तियाज ने भावुक होते हुए कहा, "हम उसे गोद में उठाकर लाए थे, अस्पताल में हमें स्ट्रेचर तक नहीं मिला। डॉक्टर हमें घंटों तक नचाते रहे और जब तक उसे भर्ती किया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।"
परिजनों का दावा है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद इश्तियाक को एक इंजेक्शन दिया गया, जिसके तुरंत बाद उसकी स्थिति और बिगड़ गई और उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने डॉक्टरों पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने और मरीज को गंभीरता से न लेने के आरोप लगाए हैं।
अस्पताल प्रशासन और पुलिस द्वारा मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए शव के पोस्टमार्टम की बात कही गई, लेकिन परिजनों ने धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए पोस्टमार्टम कराने से स्पष्ट इनकार कर दिया।


