कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके पश्चात दो मिनट का मौन रखकर शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों, आयोजकों और नागरिकों ने एक स्वर में शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में सीआरपीएफ कमांडेंट ने कहा कि “शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे आयोजन युवाओं के भीतर राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं और समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।” उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शुभकामनाएं दीं।
टूर्नामेंट में क्षेत्र की विभिन्न टीमों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ भाग लिया। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, गणमान्य नागरिक और युवा उपस्थित रहे। पूरा माहौल देशभक्ति के नारों, तालियों और उत्साह से गूंज उठा।
आयोजन समिति ने बताया कि यह टूर्नामेंट पूरी तरह से शहीद जवानों को समर्पित है और इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों के माध्यम से सकारात्मक दिशा देना, अनुशासन और एकता का संदेश फैलाना है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने शहीदों के आदर्शों पर चलने और देश की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।


