शक्ति की भक्ति के इस महोत्सव में पूरा नगर मातारानी के जयकारों और भजनों की स्वर लहरियों से गुंजायमान रहा।
✨ यात्रा का मुख्य आकर्षण और मार्ग
चुनरी यात्रा का शुभारंभ मां के प्रति अटूट श्रद्धा के साथ हुआ:
प्रथम चरण: समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सर्वप्रथम मां कैला माता को विशेष पोशाक अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
द्वितीय चरण: इसके पश्चात यात्रा मां राजेश्वरी के दरबार पहुंची, जहां पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता को भव्य पोशाक समर्पित की गई।
अंतिम पड़ाव: नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई यह विशाल चुनरी यात्रा काली माता मंदिर पहुंची। यहां मातारानी को चुनरी ओढ़ाई गई और भव्य आरती के साथ यात्रा का समापन हुआ।
🥁 भक्तिमय रहा वातावरण
यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में धर्म ध्वजा और चुनरी लेकर चल रहे थे। ढोल-नगाड़ों और भजनों की धुन पर झूमते भक्तों ने पूरे वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मातारानी से प्रार्थना की।
आभार व्यक्त किया गया
आयोजन के अंत में सभी भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। महाराजा अग्रसेन परमार्थ सेवा समिति के पदाधिकारियों ने इस पावन यात्रा में सम्मिलित हुए सभी धर्मप्रेमी बंधुओं, मातृशक्ति और श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि मातारानी के आशीर्वाद से यह परंपरा निरंतर जारी रहेगी।
"समाज सेवा और धर्म का यह संगम शिवपुरी की एकता और अखंडता को दर्शाता है।"


