पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उसके पिता को अपने प्रभाव में लेकर उन्हें परिजनों से अलग कर दिया है, यहां तक कि उनसे मिलने तक नहीं दिया जा रहा। आशंका जताई जा रही है कि इसी दबाव में अवैध दस्तावेज तैयार कर जमीन अपने नाम कराने की कोशिश की जा रही है।
मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि ओवैद उल्ला उर्फ बॉबी का नाम पहले भी फर्जीवाड़े में सामने आ चुका है। आरोप है कि शफी उल्ला की जमीन हड़पने के लिए फर्जी “मुख्तारनामा” तैयार किया गया था, जिसमें ओवैद को सजा भी मिल चुकी है। बावजूद इसके, अब फिर से उसी तरह की साजिश रचने के आरोप सामने आए हैं।
पीड़िता ने आवेदन में आरोपियों द्वारा लगातार धमकाने की भी बात कही है और फर्जी दस्तावेजों को तत्काल निरस्त करने, निष्पक्ष जांच कराने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
मामला उजागर होते ही करैरा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। अब सभी की नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।


