शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र स्थित छोटा ताल के पेट्रोल पंप पर कथित अनियमितताओं को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि पेट्रोल पंप पर सुरक्षा नियमों और निर्धारित प्रक्रिया को दरकिनार कर बोतलों और कट्टियों में पेट्रोल भरकर सप्लाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले तक यदि कोई व्यक्ति बोतल या अन्य असुरक्षित पात्र में पेट्रोल मांगता था तो उसे नियमों का हवाला देकर वापस कर दिया जाता था। लेकिन अब स्थिति बदलती दिखाई दे रही है और कथित तौर पर कुछ चुनिंदा लोगों को बोतलों और कट्टियों में पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है।
लोगों का सवाल है कि यदि यह नियमों के विरुद्ध है तो सभी पर समान रूप से लागू क्यों नहीं हो रहा? और यदि अनुमति है तो पहले रोक क्यों लगाई गई थी? इस कथित दोहरे व्यवहार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारों के अनुसार पेट्रोल अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ है और असुरक्षित पात्रों में इसकी सप्लाई दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में यदि नियमों की अनदेखी की जा रही है तो यह केवल प्रशासनिक मामला नहीं बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा विषय भी बन जाता है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए और यदि आरोप गलत हैं तो स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पेट्रोल पंप प्रबंधन और संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नियम सबके लिए बराबर हैं या कुछ लोगों को मिल रही विशेष छूट? नरवर के इस मामले में अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।


