"जिम्मेदारी जब जज्बा बन जाए, तो मुश्किलें घुटने टेक देती हैं।"
कोलारस के एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने आज सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का एक ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसे देख हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है।
पैर में फ्रैक्चर (Plaster) होने के बावजूद, अत्यधिक दर्द में भी उन्होंने आराम करने के बजाय जनता की सेवा को सर्वोपरि चुना। वे बैसाखी के सहारे मंगलवार की 'जनसुनवाई' में पहुंचे और पूरी संवेदनशीलता के साथ आम जनता की समस्याओं को सुना व उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए


