ग्रामीणों के अनुसार सेल्समेन द्वारा दो माह का राशन देने के नाम पर केवल एक माह का राशन दिया जाता है। आरोप यह भी है कि हितग्राहियों के घर-घर जाकर पहले से पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवा लिया जाता है और बाद में पूरा राशन नहीं दिया जाता। इसके अलावा राशन कम तौलकर गरीब हितग्राहियों के हिस्से का खाद्यान कथित रूप से कालाबाजारी में बेचे जाने की शिकायत भी सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि राशन वितरण के दौरान 4 से 5 किलो तक कम तौल की जाती है, जिससे पात्र परिवारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जब किसी हितग्राही द्वारा इसका विरोध किया जाता है तो सेल्समेन कथित रूप से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करता है तथा अपनी ऊंची पहुंच होने की बात कहकर शिकायत करने की चुनौती देता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी बनी हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित सेल्समेन को तत्काल हटाकर वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि हितग्राहियों को उनका पूरा और समय पर राशन मिल सके।


