दिए गए आवेदन में 9 गंभीर आरोप लगाए गए हैं -
आवेदन में लगाए गए मुख्य आरोप -
1. कई किसानों का दूध का पेमेंट रोक दिया गया है, संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की जाए।
2. करैरा अमूल प्लांट का रेट अन्य अमूल प्लांटों से कम क्यों है, इसकी जांच की जाए।
3. जब प्लांट का करार मध्यप्रदेश सरकार से है तो दूध अन्य राज्यों से कैसे लाया जा रहा है, जबकि यहां के स्थानीय किसानों की अनदेखी की जा रही है।
4. एक किसान से शाखा देने के नाम पर 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की वसूली की जा रही है।
5. एक ही व्यक्ति और उसके रिश्तेदारों की कई-कई गाड़ियां प्लांट में कैसे लगी हुई हैं।
6. हर किसान की 2 से 3 फैंट और SNF की कटौती की जा रही है।
7. किसानों को पिछले 8 महीने से बिल और डेटा नहीं दिया जा रहा है।
8. प्लांट के बाहर जो रिजेक्ट दूध खरीदा जा रहा है, उसमें किसकी हिस्सेदारी है, क्या मिलीभगत से ही दूध रिजेक्ट किया जाता है।
9. अगर कोई किसान आवाज उठाता है तो उसकी शाखा बंद करने और गाड़ी हटाने की धमकी दी जाती है।
आजाद समाज पार्टी कांशीराम के प्रदेश सचिव रामनिवास गुर्जर फौजी ने कहा कि अगर जल्द ही किसानों के साथ हो रही इस धोखाधड़ी की जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।


.jpg)
