घटना उस समय हुई जब माधव टाइगर रिजर्व के भीतर मां बलारी मंदिर पर चल रहे मेले में हजारों लोग अपने वाहनों के साथ पहुंचे हुए थे। तेज शोर-शराबे और भीड़भाड़ के चलते वन्य जीवों में दहशत फैल गई, जिससे एक तेंदुआ जंगल से निकलकर हाइवे पर आ गया और हादसे का शिकार हो गया।
नियमों की अनदेखी पड़ी भारी -
जानकारी के मुताबिक चैत्र नवरात्रा (19 से 27 मार्च) के दौरान मां बलारी मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। 23 से 25 मार्च के बीच लगे मेले को लेकर जिला प्रशासन, पार्क प्रबंधन और मंदिर समिति के बीच बैठक भी हुई थी।
बैठक में पार्क क्षेत्र के भीतर डीजे, लाउडस्पीकर और पशु बलि पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, ये निर्देश केवल अपील तक सीमित रह गए और जमीनी स्तर पर इनका पालन नहीं हो सका।
मेले में नियम टूटे -
24 और 25 मार्च को भारी संख्या में लोग वाहनों के साथ जंगल क्षेत्र में पहुंचे। इस दौरान जमकर लाउडस्पीकर बजाए गए और प्रतिबंध के बावजूद पशु बलि भी दी गई।
पार्क प्रबंधन का मानना है कि अचानक बढ़े शोर और अव्यवस्था के कारण वन्य जीव घबराकर इधर-उधर भागे, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
आज होगा पोस्टमार्टम
टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने मृत तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर गुरुवार को पोस्टमार्टम कराने की बात कही है।


